लुधियाना Punjab: पंजाब सरकार ने आतंकवादियों, उच्च जोखिम वाले कैदियों, खूंखार गैंगस्टरों और खतरनाक अपराधियों को रखने के लिए राज्य में पहली केंद्रीय जेल स्थापित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। ये एक उच्च सुरक्षा वाली जेल होगी। जेल के निर्माण कार्यों का टेंडर हाल ही में जारी किया गया है। गौरतलब है कि यह जेल लुधियाना जिले के गोरसियां कादर बख्श गांव में 50 एकड़ क्षेत्र में 100 करोड़ रुपए की लागत से बनाई जाएगी। इसमें 300 कैदियों को रखने की क्षमता होगी।
इस जेल के निर्माण की घोषणा पिछले साल जून में पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने की थी। पंजाब सरकार के एक अधिकारी ने कहा कि जेल के लिए पूरा फंड केंद्र की ओर से मुहैया कराया जाएगा। जेल परियोजना से जुड़े एक अधिकारी ने कहा कि “सेल्यूल जेल” में “रेडियल” ब्लॉक में सैल होंगे, जिससे जेल कर्मचारियों को कैदियों पर प्रभावी ढंग से निगरानी रखने में मदद मिलेगी।
जेल विभाग के अधिकारी ने कहा कि पूरी जेल को सेल्यूलर जेल के रूप में बनाया जाएगा और परिचालन आवश्यकताओं के अनुसार अलग-अलग क्षेत्रों में विभाजित किया जाएगा, ताकि समान गिरोहों के आपस में मिलने और विरोधी गिरोहों के बीच टकराव और उनकी गतिविधियों को रोका जा सके। जेल की बाहरी चारदीवारी के आसपास 50 मीटर तक का क्षेत्र निषिद्ध क्षेत्र घोषित किया जाएगा।
यही नहीं इस जेल में एक समर्पित अदालत परिसर और परिसर के भीतर सुनवाई के लिए वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग बुनियादी ढांचा होगा। इसके साथ ही जेल के अंदर अस्पताल की सुविधा भी होगी। इससे कोर्ट की सुनवाई या मेडिकल इमरजेंसी के दौरान भी कैदियों को जेल से बाहर ले जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। जेल को सुरक्षा, निगरानी और घटना पर प्रतिक्रिया के लिए अत्याधुनिक उपकरणों से सुसज्जित किया जाएगा और सुरक्षा के लिए रोटेशन के आधार पर विशेष बलों को तैनात किया जाएगा।

