Punjab: किसान नेता और कामरेड कुलदीप के बेटे का कार सवार लोगों ने अपहरण कर लिया और शहर में हंगामा मच गया। किसान नेता कुलदीप ने पत्रकारों को बताया कि उनका बेटा जोगिंदर सिंह (20) शाम चार बजे घर से निकला था। उसके बाद उन्हें किसी का फोन आया कि उनके बेटे को शहर के सबसे भीड़भाड़ वाले इलाके अंबेडकर चौक से कार सवारों ने अपहरण कर लिया है।
इसके बाद उन्होंने लगातार अपने बेटे का मोबाइल नंबर मिलाया तो वह बंद आना शुरू हो गया, जिससे उनकी घबराहट और बढ़ गई। उन्होंने घटना की जानकारी स्थानीय पुलिस के अलावा अपने संगठन के सहयोगियों को दी। किसान नेता के बेटे के अपहरण की खबर मिलते ही शहर और आसपास के लोग जुटने लगे। थाना प्रभारी इंस्पेक्टर सुखदेव सिंह ने पुलिस टीमें गठित कर लड़के को ढूंढने का काम शुरू कर दिया। 2 घंटे बाद पुलिस को सफलता तब मिली, जब लड़के का अपहरण करने वाली कार और उसका नंबर सीसीटीवी कैमरे में मिल गया।
जानकारी के मुताबिक, पुलिस ने जैसे ही उस नंबर की जांच की तो वह एनकाउंटर इंटेलिजेंस पंजाब पुलिस की कार निकली। पुलिस अब इस जांच में जुटी है कि आखिरकार किस शहर की पुलिस फिल्लौर आई और किसान नेता के बेटे को बिना बताए ले गई। पुलिस ने बताया कि नियम के मुताबिक जैसे ही कोई पुलिस दूसरे शहर में किसी व्यक्ति को गिरफ्तार करने जाती है। चाहे वर्दी में हो या सिविल वर्दी में, पकड़ने वाले को संबंधित थाने में सूचना देनी होती है, लेकिन किसान नेता के मामले में ऐसा नहीं है, जिससे लड़के के अपहरण का मामला सामने आ रहा है। उन्होंने फिल्लौर पुलिस को यह बताने के लिए पंजाब स्थित पुलिस मुख्यालय को वायरलेस कर दिया है कि खुफिया विभाग की कौन सी टीम किसान नेता के बेटे को किस इलाके में ले गई, जिसका अभी तक कोई जवाब नहीं आया है। जवाब आने के बाद ही पता चलेगा कि किस मामले में लड़के को किस शहर ले जाया गया है।

