Punjab: पंजाब में घातक बीमारियां फैल रही जिसका लोग शिकार हो रहे हैं। इनकी मेन वजह दूषित वातावरण, दूषित पानी है। ऐसे में मुक्तसर जिले में जनवरी महीने से लेकर जून तक पानी के सेंपल भरे गए हैं। जांच के दौरान 73 प्रतिशत पानी के नमूने फेल पाए गए हैं।
जानकारी के अनुसार स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने अलग-अलग स्थानों से 45 पानी के नमूने लिए हैं जिसमें 12 सेंपल योग्य हे और बाकी 33 सेंपल जांच दौरान असफल पाए गए हैं। वहीं मुक्तसर जिले के महामारी विशेषज्ञ डा. हरकीर्तन सिंह ने बताया कि उनकी टीमें जनतक स्थानों से पानी के नमूने लेती है। अगर पानी का नमूने असफल पाए जाए तो वह पानी के स्रोत पर क्लोरीकरण करते हैं दोबारा नमूना लेते हैं। वहीं उन्होंने बताया कि वह के स्रोत को बदलने की सलाह भी देते हैं।
उल्लेखनीय है कि जिले के अधिकांश हिस्सों में जिले के अधिकांश हिस्सों में भूजल मानव उपभोग के लिए अयोग्य है। वहीं बड़ी संख्या में रिवर्स ऑस्मोसिस (आरओ) वाटर ट्रीटमेंट प्लांटों में कई गड़बड़ियों के कारण बंद पड़े हैं। बता दें कि 15 वर्ष पहले आर.ओ. प्लांट राज्य सरकार ने निजी कंपनियों के सहयोग से लगाए थे। वहीं गांववासियों ने कहा कि आर.ओ. वाटर ट्रीटमेंट प्लांटों को फिर से चालू करवाया जाए क्योंकि दूषित पानी पीने से कई तरह की बीमारियों का खतरा है जिसके चलते उन्हें पीने के लिए टैंकरों का पानी इस्तेमाल में करना पड़ता है।

