Punjab: पी.डब्ल्यू.डी. विभाग के अधिकारियों द्वारा सड़क निर्माण के बिना बिल बनाने की शिकायत गवर्नर के पास पहुंच गई है, जिसे लेकर सरकार से रिपोर्ट मांगी गई है। इस मामले में पंजाब केसरी द्वारा खुलासा किया गया है कि पी.डब्ल्यू.डी. विभाग के अधिकारियों द्वारा पहले मलोद से राडा साहिब व जगेड़ा की तरफ जाने वाली सड़क की लंबाई से लगभग 1200 मीटर ज्यादा का टेंडर लगा दिया गया और फिर वर्क ऑर्डर जारी करके सड़क बनाए बिना ही ठेकेदार को पेमेंट रिलीज करने के लिए बिल बना दिया गया। इस संबंध में शिकायत पंजाब के गवर्नर बनवारी लाल पुरोहित के पास पहुंच गई है। उनके ऑफिस से पी.डब्ल्यू.डी. विभाग के प्रिंसिपल सेक्रेटरी को कार्रवाई करने के लिए निर्देश दिए गए हैं। इसके लिए पंजाब केसरी की खबर को आधार बनाया गया है, जिस घोटाले पर पी.डब्ल्यू.डी. विभाग के हेड ऑफिस व चीफ इंजीनियर द्वारा लुधियाना के अधिकारियों से रिपोर्ट मांगी गई है।
इस मामले का खुलासा पी.डब्ल्यू.डी. विभाग के अधिकारियों व ठेकेदार के बीच आपसी विवाद के चलते हुआ है। क्योंकि ठेकेदार द्वारा पहले जे.ई. व एस.डी.ओ. के साथ मिलीभगत करके सड़क निर्माण के बिना ही पेमेंट हासिल करने के लिए बिल बना दिया गया था लेकिन एक्सईएन द्वारा बिल पर साइन करने से इंकार करने पर उसके घर पर धरना लगा दिया गया। इसी तरह एस.ई. पर दबाव बनाने के लिए उसके खिलाफ विजिलेंस में शिकायत दर्ज करवाई गई। इसके बाद से मामला की चर्चा पी डब्ल्यू डी विभाग के गलियारों में हो रही है।
सड़क बनाने के बिना ही ठेकेदार को पेमेंट रिलीज करने के लिए बिल बनाने का घोटाला पीएम ग्रामीण सड़क योजना के फंड से जुड़ा हुआ है। जिसके बावजूद पी.डब्ल्यू.डी. विभाग के अधिकारियों द्वारा कोई परवाह नहीं की जा रही है। अब इस मामले में सबकी नजरें सरकार के रुख पर टिकी हुई है, क्योंकि इस संबंध में पी डब्ल्यू डी विभाग लुधियाना के अधिकारियों से हेड ऑफिस दुआरा एक हफ्ते के भीतर अपना स्पष्टीकरण देने के लिए बोला गया है।

