Jalandhar: पुलिस इसे आत्महत्या बता रही है जबकि परिजन हत्या का आरोप लगाते हुए पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठा रहे हैं। मृतक की पहचान सुखविंदर पाल पुत्र तरसेम लाल निवासी गांव पासला के रूप में हुई है।
वहीं गांव वासी पुलिस कार्रवाई से संतुष्ट नहीं नजर आए, गांव वासियों ने कहा कि जिस पेड़ से शव लटक रहा था वह बहुत ही पतला है और जो सुसाइड नोट पुलिस बता रही है वह परिवार को नहीं दिखाया। गांव वासियों ने कहा कि यह हत्या का मामला हो सकता है। गांव वासी इस बात से खफा नजर आए कि मृतक का परिवार जो गांव बहराम नजदीक फगवाड़ा से आ रहे थे उन्हें शव नहीं दिखाया गया। वहीं दूसरी ओर उसके पिता से बात की तो उन्होंने बताया कि उनके बेटे ने आत्महत्या नहीं की है, यह हत्या लग रही है। उन्होंने बताया कि न तो मौके पर कोई सीसीटीवी फुटेज चेक की और न ही कोई भी बनती कार्रवाई ठीक ढंग से की जा रही है। उन्होंने पुलिस प्रशासन के उच्च अधिकारियों से निवेदन किया है कि उन्हें इंसाफ दिलवाया जाए।
मौके पर पहुंचे एस.एच.ओ. नूरमहल वरिंदर पाल सिंह ने कहा कि मृतक के पर्स से एक सुसाइड नोट मिला है जिसमें मानसिक परेशानी के कारण आत्महत्या करने की बात लिखी है और लिखा है कि उसका अंतिम संस्कार भी उसके गांव पासला में किया जाए। परिवार के सदस्य जिनमें उसकी पत्नी और बच्चे जो बहराम से आए हैं उन्हें सुसाइड नोट भी पढ़ कर सुना दिया गया है और दिखा दिया गया है। एस.एच.ओ. ने बताया कि मृतक सुखविंदर पाल पुत्र तरसेम लाल की उम्र लगभग 50 वर्ष थी और वह अपने परिवार के साथ बहमार में पिछले 20 वर्षों से रह रहा था। उनकी पत्नी का नाम सुखदेव रानी है और उनके तीन बच्चे हैं। वह लुधियाना में ऑटो चालक के रूप में काम करता था। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।

